उत्तराखंड के किसानों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) को व्यावसायिक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को देहरादून स्थित यूसीएफ सदन, विष्णु विहार, दीपनगर रोड के पीसीयू सभागार में “राज्य स्तरीय एफपीओ संवर्द्धन, प्रगति एवं ऋण संबंधन (क्रेडिट लिंकेज) कार्यशाला” का सफल आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन उत्तराखंड हॉर्टीकल्चर को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (हॉर्टीफेड) एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यशाला में हॉर्टीफेड के प्रबंध निदेशक श्री एम.पी. त्रिपाठी, एनसीडीसी के क्षेत्रीय निदेशक श्री विवेक त्रिपाठी, सहायक निदेशक श्री संजीव मिश्रा तथा हॉर्टीफेड की महाप्रबंधक श्रीमती मोनिका चुनेरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न एफपीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) एवं लेखाकारों (Accountants) ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

अपने संबोधन में अधिकारियों ने एफपीओ प्रतिनिधियों के वर्तमान व्यवसायिक मॉडल, प्रगति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्हें आधुनिक एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। तकनीकी सत्र के दौरान एफपीओ को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित न रहकर मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यशाला में ऋण संबंधन (Credit Linkage) के अंतर्गत क्रेडिट गारंटी फंड (CGF) की विभिन्न योजनाओं एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिससे एफपीओ को व्यवसाय विस्तार हेतु आवश्यक वित्तीय सहायता एवं पूंजी सुलभता से प्राप्त हो सके। साथ ही मूल्य श्रृंखला (Value Chain) को सुदृढ़ करने, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना संबंधी संभावनाओं पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।

अधिकारियों ने सुझाव दिया कि एफपीओ अपने उत्पादों, विशेषकर ताजे फल एवं सब्जियों की आपूर्ति सीधे विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों तथा संबद्ध विभागों को सुनिश्चित करें, जिससे किसानों एवं एफपीओ की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सके।

कार्यशाला का सबसे प्रेरणादायक पहलू सिद्धबाबा एफपीओ की सफलता की कहानी रही। अधिकारियों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सिद्धबाबा एफपीओ ने मात्र दो वर्षों के अल्प समय में 50 लाख रुपये से अधिक का प्रभावशाली वार्षिक कारोबार (Turnover) अर्जित कर अपने व्यवसाय का उल्लेखनीय विस्तार किया है। हॉर्टीफेड के प्रबंध निदेशक श्री एम.पी. त्रिपाठी एवं एनसीडीसी के अधिकारियों ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सिद्धबाबा एफपीओ की सराहना करते हुए इसे अन्य एफपीओ के लिए एक आदर्श उदाहरण बताया। उन्होंने उपस्थित सभी एफपीओ प्रतिनिधियों को सिद्धबाबा एफपीओ की कार्यप्रणाली से प्रेरणा लेकर अपने संगठनों को व्यावसायिक रूप से सफल बनाने का आह्वान किया।
इन एफपीओ के प्रतिनिधियों ने किया प्रतिभाग

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण एवं समीक्षा कार्यशाला में कालसी एफपीओ, मां गंगा एफपीओ, नथुवाखान एफपीओ, बरहैनी एफपीओ, दिचलीपट्टी एफपीओ, रवांई वैली एफपीओ, कालीमाता एफपीओ, गरूड़ एफपीओ एवं सिद्धबाबा एफपीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं लेखाकारों ने अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम प्रदेश के एफपीओ को आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे ।